President Election: राष्ट्रपति चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सियासी खेमों में हलचल ,जानिए यशवंत सिन्हा का कौन सा बयान चर्चा में

By YOGESHWARI

ELECTION  | 12:00:00 AM

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DELHI :

राष्ट्रपति चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सियासी खेमों में हलचल बढ़ गई है। भाजपा की अगुआई वाली एनडीए की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू और विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा जोरशोर से प्रचार करने में जुटे हैं। दोनों अलग-अलग राज्यों में जाकर राजनीतिक दलों से समर्थन मांग रहे हैं।

इस बीच, विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का एक बयान चर्चा में आ गया है। जिसमें वह भाजपा पर निशाना साधते हुए एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू पर भी हमला करते हैं। इस बयान के आने के बाद कयास लगाए जाने लगे हैं कि चुनाव से पहले ही यशवंत सिन्हा ने हार मान ली है। आंकड़े भी यशवंत के खिलाफ ही हैं।

सिन्हा के बयान पर BJP ने क्या कहा?
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने सिन्हा के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, 'एक आदिवासी महिला इस पद के लिए सक्षम नहीं है, सिन्हा की यह सोच उनकी बुरी मानसिकता को दर्शाती है।'

सीटी रवि ने कहा, निश्चित रूप से देश को रबर स्टैंप राष्ट्रपति की जरूरत नहीं है, लेकिन उसी तरह अपने दम पर आगे बढ़ी आदिवासी महिला के खिलाफ झूठा प्रचार करने की मानसिकता खतरनाक है। उन्होंने कहा कि मुर्मू ने झारखंड की राज्यपाल के रूप में, ओडिशा में एक मंत्री और विधायक के रूप में और एक कॉलेज में लेक्चरर के रूप में अपनी क्षमताओं को पहले ही साबित कर दिया है। यह महसूस करना कि आदिवासी महिला सक्षम नहीं है, किसी की घटिया मानसिकता को दर्शाता है।

जानिए यशवंत सिन्हा को कहां-कहां से मिला समर्थन?
यशवंत सिन्हा को अब तक कांग्रेस, एनसीपी, टीएमसी, सीपीआई, सीपीआई समाजवादी पार्टी, रालोद, आरएसपी, टीआरएस, डीएमके, नेशनल कांफ्रेंस, भाकपा, आरजेडी, केरल कांग्रेस जैसे कई दलों का समर्थन मिल चुका है। यशवंत के पास अभी करीब तीन लाख 89 हजार वैल्यू के वोट हैं। केरल के छोटे-बड़े सभी दलों ने यशवंत सिन्हा को ही समर्थन दिया है। ऐसे में संभव है कि यहां से एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को एक भी वोट न मिले।

जानिए द्रौपदी मुर्मू को किन-किन दलों ने दिया समर्थन?
एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को अब तक भाजपा के अलावा बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस, जनता दल सेक्युलर, शिरोमणि अकाली दल, जेडीयू, एआईएडीएमके, लोक जन शक्ति पार्टी, अपना दल (सोनेलाल), निषाद पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले), एनपीपी, एनपीएफ, एमएनएफ, एनडीपीपी, एसकेएम, एजीपी, पीएमके, एआईएनआर कांग्रेस, जननायक जनता पार्टी, यूडीपी, आईपीएफटी, यूपीपीएल जैसी पार्टियों ने समर्थन दे दिया है।

विपक्ष में होने के बाद भी बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस, जनता दल सेक्युलर, अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी ने एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन दिया है। इन सभी के पास 6 लाख वैल्यू से ज्यादा के वोट हैं। ये आंकड़ा जीतने के लिए जरूरी संख्या से काफी ज्यादा है।

इन दलों ने अब तक स्थिति साफ नहीं की
राष्ट्रपति चुनाव के लिए ज्यादातर बड़ी पार्टियों ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। लेकिन अभी भी कुछ दलों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। पंजाब और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है। 10 राज्यसभा सांसद भी हैं। अभी तक आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ साफ नहीं किया है।

इसके अलावा टीडीपी, झामुमो ने भी अब तक कुछ साफ नहीं किया है। शिवसेना ने भी अब तक आंतरिक कलह के चलते किसी भी उम्मीदवार के समर्थन का एलान नहीं किया है। हालांकि, माना जा रहा है कि भाजपा के साथ सरकार बनाने वाले विधायक और ज्यादातर सांसद एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को ही सपोर्ट करेंगे।

आंकड़ों से समझिए खेल?
राष्ट्रपति चुनाव में दोनों सदनों के निर्वाचित सांसद, सभी राज्यों के विधायक और विधान परिषद के सदस्य वोट करते हैं। इनके वोट की कुल वैल्यू 10 लाख 86 हजार 431 होती है। इस तरह जीत के लिए आधे से एक वोट की ज्यादा जरूरत होती है। मतलब उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम पांच लाख 43 हजार 216 वोट चाहिए होंगे।

अभी भाजपा के पास करीब छह लाख वैल्यू के वोट हैं। मतलब जीत के लिए निर्धारित वोट से कहीं ज्यादा, वहीं सिन्हा के पास करीब तीन लाख 89 हजार वैल्यू के वोट हैं। मतलब जीत के लिए निर्धारित वोट वैल्यू से करीब डेढ़ लाख कम। ऐसे में अब तक जो आंकड़े दिख रहे हैं, उससे साफ पता चलता है कि द्रौपदी मुर्मू ऐतिहासिक जीत की तरफ बढ़ रहीं हैं।

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